Birju Shah – Asian Games medalist in boxing from 1954 to 2018

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The 1994 Commonwealth Games bronze medallist boxer Birju Shah

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कभी देश का नाम रोशन करने वाला चैंपियन मुक्‍केबाज आर्थिक कठिनाइयों के दौर से गुजर रहा है। न तो boxing महासंघ ने और न ही सरकार ने इस चैंपियन की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। किसी संस्‍था ने भी इनकी तरफ नहीं देखा है। ऐसे में asian और commonwealth खेलों में भारत को रजत ओर कांस्‍य पदक दिलाने वाले मुक्‍केबाज Birju Shah दो जून की रोटी की जुगाड़ में सिक्‍योरिटी गार्ड की नौकरी करने को मजबूर हैं। आर्थिक कठिनाइयां ऐसी हैं कि उनके बच्‍चों ने पैसों की तंगी के चलते पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी। वह किसी तरह से परिवार के लिए दो वक्‍त के खाने का इंतजाम कर पा रहे हैं।

हमारे देश में क्रिकेट खिलाड़ियों को छोड़ बाकी sports के खिलाड़ियों का क्या हाल है, यह किसी से छुपा नहीं है। इसी का ताज़ा उदाहरण हैं जमशेदपुर के Boxing प्लेयर रहे Birju Shah। उनका नाम कभी वर्ल्ड के टॉप 7 Boxing प्लेयर में शुमार हुआ करता था। Birju Shah ने इंडिया के लिए साल 1994-95 में सिल्वर व ब्रॉन्ज़ मेडल एशियाई गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स (जापान) में जीता था।

Birju Shah ने देश में खेले गए विभिन प्रतियोगिताओं में न जाने कितने मेडल जीत रखे हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से Birju Shah पिछले 7 साल से सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे हैं। Birju Shah के पिता और पत्नी दोनों पैरालिसिस से ग्रसित हैं। उनके 2 बच्चे हैं, जिन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है। Birju Shah का कहना है कि उन्होंने boxing को हमेशा खुद से और परिवार से आगे देखा है, पर कहीं न कहीं सरकार और स्‍पोर्ट्स की राजनीति ने उन्हें और उनके टैलेंट को पीछे छोड़ दिया।

बिरजू साह बताते हैं

कि उन्‍हें Boxing का जुनून आज भी उतना ही है, जितना पहले था। इसे बस बात से समझा जा सकता है कि गॉर्ड की नौकरी बाद समय निकाल कर वह बच्‍चों को Boxing की ट्रेनिंग देते हैं। वह खुद भी रोज़ प्रैक्टिस करते हैं, ताकि खुद को फिट रखा जा सके। Birju Shah का कहना कि एक बार रिंग में उतर जाने के बाद वह अपना सारा दुख-दर्द भूल जाते हैं। Birju Shah ने कहा कि उन्हें कोई याद रखे या न रखे, लेकिन वह जिंदगी से लड़ते रहेंगे, क्योंकि वह कल भी एक प्लेयर थे और आज भी एक प्‍लेयर हैं।

Mera Bharat Mahan – I am proud to be an Indian.


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