Guru Manish – आयुर्वेद के परम ज्ञाता और प्रेरक वक्ता

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Guru Manish की जीवनी हिंदी में 

भारत में ऐसी कई महान विभूतियाँ हुईं हैं जिन्होंने मानव कल्याण की अपनी असाधारण सोच को एक मिशन बना कर करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर बनाया है.

Guru Manish

Guru Manish , जिन्हें आचार्य manish के नाम से भी जाना जाता है, पिछले दो दशकों से आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य कर रहे हैं और आज विश्व की अग्रणी हस्तियों में शुमार हैं. गुरु मनीष का मानना है कि 5000 साल पुराने आयुर्वेद विज्ञान से शरीर का कायाकल्प किया जा सकता है. उनका कहना है –

बीमारी की जड़ पर पूर्व नियोजित फोकस करके किसी भी बीमारी को ठीक किया जा सकता है.

उनका मिशन है-

 भारत को स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीने की कला सीखाना. 

और 2012 में स्थापित दिव्य उपचार संस्थान के माध्यम से वह लगातार इस मिशन को एक वास्तविकता बनाने में लगे हुए हैं.

जन्म व शिक्षा  

Guru Manish का जन्म 6 जनवरी 1974 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री रमेश ग्रोवर व माता का नाम श्रीमती संतोष ग्रोवर है.

फ़ूड एंड न्युट्रीशन में स्नातक व योग और ध्यान में मास्टर डिग्री प्राप्त गुरु मनीष की शिक्षा सहारनपुर के गुरु नानक इंटर कॉलेज व  जे.वी. जैन डिग्री कॉलेज से हुई.

जीवन का टर्निंग पॉइंट 

जब Guru Manish लगभग 20 वर्ष के थे तब वो एक बार बहुत बीमार पड़ गए. उनके पिताजी उन्हें लेकर डॉक्टरों के चक्कर लगाते रहे पर कोई लाभ नहीं हुआ, स्वास्थ्य गिरता ही जा रहा था.

इसी दौरान पिताजी उन्हें उनकी मौसी के घर ले गए. वहां की दिनचर्या कुछ अलग थी. सुबह जल्दी उठना, योग करना और नियमित रूप से ताजी सब्जियों व फलों का सेवन करना उनकी दिनचर्या बन गई. और इसका ये असर हुआ कि जिस बीमारी को वे लाइलाज समझने लगे थे वो जड़ से ख़त्म हो गयी.

इस घटना का उनके मन पर गहरा असर हुआ. अब उन्होंने आयुर्वेद और योग की शक्ति का आभास हो चुका था और उन्होने मन ही मन निश्चय किया कि वे इन्हें ही अपना अस्त्र बना कर पूरे भारत को स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीने की कला सिखायंगे.

आयुर्वेद ही क्यों?

इस प्रश्न के उत्तर में Guru Manish कहते हैं-

“आयुर्वेद प्राकृतिक विज्ञान और प्राकृतिक उत्पादों पर आधारित है. जैसे कि इसमें जड़ी-बूटियों, पेड़ों के छालों, पत्तियों, पौधों, नेचुरल बाय-प्रोडक्ट्स  जैसे शहद, गोंद किशमिश आदि का भरपूर उपयोग होता है.

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आयुर्वेद अंगों को बदलने या उनके प्रत्यारोपण पर विश्वास नहीं करता बल्कि संपूर्ण शरीर के समग्र कल्याण के लिए काम करता है. यह शारीरिक स्वास्थ्य के अलावा आपके मनोवैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक पहलू को भी ध्यान में रखकर आपके बॉडी सिस्टम के कल्याण के लिए काम करता है.

रोग के मूल कारण पर काम करते हुए आयुर्वेद बीमारी के संकेतों और लक्षणों का मुकाबला करता है और बीमारी को जड़ से ख़त्म कर सकता है.”

कड़ी मेहनत 

मित्रों, सपने सिर्फ सपने ही रह जाते हैं जबतक कि हम उसे कड़ी मेहनत से हकीकत न बना दें. और यही किया Guru Manish ने.

“जागो,लक्ष्य साधो!” का मूलमन्त्र देने वाले गुरु मनीष ने खुद को आयुर्वेद और योग की साधना में लीन कर दिया और अपने अथक प्रयासों व प्रयोगों से जटिल से जटिल बीमारियों का उपचार खोजने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की.

उनका कहना है –

आयुर्वेद ऑर्गन ट्रांस्पलांट में विश्वास नहीं करता, बल्कि शरीर की संपूर्ण स्वस्थता पर काम करता है. यह समग्र रूप से बीमारी को जड़ों से ठीक करता है.

आइये हम उनके कुछ  प्रमुख कार्यों को जानते हैं.

अतुलनीय योगदान 

डॉ. शुद्धि पैकेज (दिव्य किट) 

Guru Manish “दिव्य किट” नामक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के फाउंडर हैं, जो कि अब Dr. Shuddhi Package के नाम से जाना जाता है. इसकी शुरुआत 2009 में हुई थी और आज लाखों लोग इस पैकेज के द्वारा अपने रोगों से मुक्ति पा चुके हैं.

इसके मुख्य बिंदु हैं –

  • शरीर को शुद्ध करने वाला आयुर्वेदिक पैकेज
  • प्राकृतिक जड़ी बूटियों और अर्क द्वारा निर्मित
  • अलग-अलग बीमारियों के लिए कस्टमाइज्ड किट
  • आयुर्वेद की क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पहल

दिव्य उपचार 

यह गुरु जी द्वारा 2012 में स्थापित दिव्य उपचार संस्थान  द्वारा खोजा गया प्राकृतिक चिकित्सा का एक कारगर तरीका है, जिसमे उन बीमारियों को ठीक करने की शक्ति है जो अमूमन अन्य उपचार से ठीक नहीं हो पातीं.

इसकी प्रमुख बाते हैं –

  • आयुर्वेदिक दवाएं
  • अनुशासित जीवनशैली
  • स्वस्थ भोजन
  • प्रकृति से निकटता
  • कोई साइड-इफेक्ट नहीं
  • हर बीमारी का इलाज

शतायुपैथी 

Guru Manish ने स्वयं “शतायुपैथी” शब्द का निर्माण किया. इसका अर्थ है- “सौ वर्ष की आयु प्रदान करने वाली चिकित्सा पद्धति.”

इसके प्रमुख अंश हैं –

  • शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन
  • जड़ी बूटियों व जैविक अर्क द्वारा उपचार
  • रोग जड़ से समाप्त
  • कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट

 “ज़िद” का कांसेप्ट 

Guru Manish ने उपचार में “ज़िद” के कांसेप्ट की परिकल्पना की है. यहाँ “ज़िद” का अर्थ आपकी कमिटमेंट से है. उनका कहना है-

यदि आपके पास “ज़िद” नहीं है, तो आप बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर जीवन और बेहतर स्वयं को प्राप्त नहीं कर सकते हैं!

इसके मुख्य बिंदु हैं-

  • अच्छे स्वास्थ्य व जीवन के लिए प्रतिबद्ध रहें
  • अपने विचारों को सही करें
  • अपने आप से सहानुभूति न रखें!

जीना सीखो फाउंडेशन 

जीना सीखो Guru Manish का स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम है, जिसे जीना सीखो फाउंडेशन के तत्त्वाधान में किया जाता है. इसके माध्यम से हम एक बैलेंस्ड लाइफ जीना सीख सकते हैं और जीवन की तमाम समस्याओं और बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं.

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इसकी प्रमुख बातें है-

  • अपना डॉक्टर खुद बनें
  • जीवन शैली में छोटे-छोटे बदलाव
  • भावनाओं का शुद्धिकरण
  • शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य सुधार
  • फ्री हेल्थ चेकअप

100+ आयुर्वेदिक क्लीनिक्स

गुरु मनीष द्वारा पूरे भारत में अब तक 100 से अधिक आयुर्वेदिक क्लीनिक स्थापित किये गए हैं और इनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है.

इसकी ख़ास बाते हैं-

  • हर तरह का आयुर्वेदिक उपचार
  • हर प्रकार की आयुर्वेदिक दवाएं
  • मुफ्त परामर्श
  • स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
  • एक्सपर्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर की उपलब्धता
  • जीव्हा परीक्षण
  • नाड़ी परीक्षण

YouTube चैनल 

YouTube पर आयुर्वेद के नाम पर कई तरह के गलत उपचार बताये जा रहे थे. ऐसे में Guru Manish ने अपना खुद का Youtube Channel बना कर लाखों लोगों का सही मार्गदर्शन करने का काम किया है.

उनके चैनल की खासियत है-

  • सरल भाषा में आयुर्वेद के गूढ़ रहस्य
  • विश्वसनीयता
  • विभिन्न बीमारियों का घरेलू उपचार
  • संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा

सम्मान

Guru Manish द्वारा आयुर्वेद व योग के क्षेत्र में किये गए अतुलनीय योगदान के लिए कई अवार्ड्स व सम्मान दिए जा चुके हैं. इनमे शामिल हैं –

  •  ज़ी मीडिया के माध्यम से, आचार्य देवव्रत (हिमाचल के राज्यपाल) और पंजाब के कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरु मनीष को आयुर्वेद और स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढाने के लिए सम्मान
  • पंजाब सरकार के वन विभाग के मंत्री श्री साधु सिंह धर्मसोत द्वारा गुरु मनीष का सम्मान
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा गुरु मनीष का सम्मान
  • पंजाब के माननीय कैबिनेट मंत्री, चरणजीत सिंह चन्नी और सेना के जनरल प्रेम सिंह हून जी द्वारा गुरु मनीष को समाज में उनके योगदान के लिए सम्मान

मित्रों, ये था विख्यात आयुर्वेदिक व योग गुरु; गुरु मनीष के बारे में एक विस्तृत लेख. अंत में मैं उन्ही की कुछ प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ अपनी कलम को विराम देना चाहूँगा-

“गुजरी नहीं अभी बाकी है ज़िन्दगी 

हार पे पछ्ताके यूँहीं बीत न जाए 

बहुत हैं बाजियां जीतने को अभी 

अभी इसी वक़्त अगर जाग हम जाएं

धन्यवाद! 


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